सुखद जीवन संस्थान (चित्तौड़गढ़) द्वारा आयोजित यह शिविर जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने, समस्याओं के मूल कारणों की पहचान करने तथा सुखी, सफल एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
शिविर प्रभारी राधेश्याम कुमावत ने बताया कि सुखद जीवन संस्थान पूरे विश्व में एक ऐसा चैरिटेबल ट्रस्ट है जो जीसा थैरेपी के आधार पर जीवन के रहस्यों को जानने के पश्चात व्यक्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर तनावमुक्त एवं सुखी जीवन हेतु सेवाएं प्रदान करता है।
इसके साथ ही जीवन को उद्देश्यपूर्ण,ऐश्व्वर्यपूर्ण, सार्थक एवं परोपकारमय बनाकर व्यक्ति के आध्यात्मिक जीवन का मार्ग प्रशस्त करने का प्रयास करता है। उन्होंने बताया कि जीसा थैरेपी एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जो संस्थान के संस्थापक चेयरमैन एवं हैप्पीनेस गुरु स्थितप्रज्ञानंद द्वारा भारत के 368 गांवों/शहरों एवं 8 देशों के 1.50 लाख लोगों पर किए गए 35 वर्षों के शोध एवं अध्ययन का परिपक्क सार है। यह व्यक्ति के जीवन में समाधान, निर्माण एवं रूपांतरण लाने में सक्षम है।
संस्थान का उद्देश्य लोगों को तनाव, भय, चिंता एवं नकारात्मक सोच से मुक्त कर सकारात्मक, संतुलित एवं समृद्ध जीवन की ओर अग्रसर करना है। शिविर में जीवन को जानने और समझने की विशेष तकनीक प्रस्तुत की जाएगी। मन, आत्मा, शरीर और जीवन से जुड़े गूढ़ विषयों पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को यह समझाया जाएगा कि उनके जीवन में उत्पन्न होने वाली विभिन्न समस्याओं, मानसिक तनावों एवं बीमारियों के पीछे कौन-कौन से कारण कार्य करते हैं तथा उनका समाधान किस प्रकार संभव है। शिविर में यह भी बताया जाएगा कि व्यक्ति अनजाने में स्वयं अपने जीवन में किस प्रकार अनेक समस्याओं को जन्म देता है और उनसे कैसे बचा जा सकता है।
शिविर संयोजक डॉ. अमित पारीक ने बताया कि यह थैरेपी व्यक्ति के एनर्जी लेवल, यूनिक टेलेंट एवं लाइफ ले-आउट का ज्ञान करवाकर जीवन प्रबंधन का सही मार्ग दिखाती है।
इस शिविर में रजिस्ट्रेशन हेतु 94140 04993 नम्बर पर विकास अमरवाल, सुमित पारीक व कैलाश वैष्णव से संपर्क किया जा सकता है।





