सुखद जीवन संस्थान चित्तौड़गढ़ द्वारा रविवार को होटल एम्ब्रोसिया डाइन में जीसा थेरेपी शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ अतिरिक्त जिला कलक्टर चंद्रशेखर भंडारी के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम में निवर्तमान प्रधान होनहार सिंह राठौड़ विशिष्ट अतिथि तथा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गोपीलाल कीर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के चेयरमैन एवं आध्यात्मिक गुरु स्थित प्रज्ञानंद ने की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर भंडारी ने संस्थान की आध्यात्मिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की सराहना करते हुए जीसा थेरेपी को तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
होनहार सिंह राठौड़ ने जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए संस्थान द्वारा बताए गए मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान किया। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गोपीलाल कीर ने वर्तमान सामाजिक परिवेश में आध्यात्मिक शिविरों की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डाला।
शिविर प्रभारी राधेश्याम कुमावत ने बताया कि जीसा थेरेपी एक अद्वितीय एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसे संस्थान के संस्थापक चेयरमैन एवं हैप्पीनेस गुरु स्थितप्रज्ञानंद द्वारा 35 वर्षों के शोध एवं अध्ययन के आधार पर विकसित किया गया है। यह थेरेपी व्यक्ति के जीवन में समाधान, निर्माण और रूपांतरण लाने में सहायक है।
शिविर संयोजक डॉ. अमित पारीक ने बताया कि संस्थान द्वारा यह शिविर पहली बार केकड़ी में आयोजित किया गया, जिसमें करीब 130 संभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग हर्षा ने कि जीसा थेरेपी एक अद्वितीय एवं प्रदान किया, जबकि संचालन शैलेष बंदवाल ने किया।
इस अवसर पर संस्थान सदस्य सुरेश मेहता, दिलीप खत्री, मुकेश सारस्वत, भरत सोनी, राजेश सोनी, संजय प्रकाश तिवारी, सुमित पारीक, विकास अमरवाल एवं कैलाश वैष्णव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

